भूलना मुश्किल तो था
पर मुश्किल हमें मंजूर थी
चाहत की वो मंजिल
ख्वाब से कोसों दूर थी
भूल के जो ना भूलना था
हमने वो भुला दिया
आज उनका हर गिला शिकवा
सब मिटा दिया
तकदीर ने तस्वीर
जो पलकों में सजाई थी
पल पल उसमे दर्द था
हर पल एक रुसबाई थी
कोशिशें हज़ार की पर
सभी तो नाकाम थी
भीड़ में से हम एक थे
अपनी यही पहचान थी
जान कहता था जिसे मैं
उससे ही अंजान था
पत्थरों का वो खुदा
मेरे लिए भगवान था
मांग के पाये प्यार से प्यारी
मुझे मेरी हार है
इसमें थोडा दर्द सही पर
सुकून बेशुमार है
मेरी तनहाई ही
अब मेरी हमराज़ है
दिल की दुनिया में मेरे
आंसुओं का राज़ है.
पर मुश्किल हमें मंजूर थी
चाहत की वो मंजिल
भूल के जो ना भूलना था
हमने वो भुला दिया
आज उनका हर गिला शिकवा
सब मिटा दिया
तकदीर ने तस्वीर
जो पलकों में सजाई थी
पल पल उसमे दर्द था
हर पल एक रुसबाई थी
कोशिशें हज़ार की पर
सभी तो नाकाम थी
भीड़ में से हम एक थे
अपनी यही पहचान थी
जान कहता था जिसे मैं
उससे ही अंजान था
पत्थरों का वो खुदा
मेरे लिए भगवान था
मांग के पाये प्यार से प्यारी
मुझे मेरी हार है
इसमें थोडा दर्द सही पर
सुकून बेशुमार है
मेरी तनहाई ही
अब मेरी हमराज़ है
दिल की दुनिया में मेरे
आंसुओं का राज़ है.
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